सब्जी बीज निष्कर्षण उपरान्त बीज प्रबन्धन

सब्जी बीज का प्रयोग खाने के लिए नहीं किया जाता है इसलिए सब्जी बीज उत्पादन में सबसे बड़ी जिम्मेदारी है इसकी गुणवत्ता तब तक बनाये रखना जब तक इसका प्रयोग बुवाई के लिए न हो जाये। इसलिए बीज निष्कर्षण उपरान्त इसके प्रबन्धन में किये जाने वाले संसाधन एवं परीक्षण बहुत महत्वपूर्ण है। बीज प्रबन्धन प्रोद्यौगिकी का उपयोग करके बीज की गुणवत्ताको अधिक दिन तक बनाये रखा जा सकता है।

बीज सुखाना

सब्जी बीज को निष्कर्षण उपरान्त निर्धारित नमी के स्तर तक सुखाना बहुत आवश्यक है। नम बीजों में कीड़ें एवं बीमारियाँ बहुत अधिक लगती है जिससे बीज कम समय में खराब हो जाता है। दलहनी सब्जियों में नमी 9 प्रतिशत, भिण्डी 8 प्रतिशत, गोभी वर्गीय सब्जियाँ 5 प्रतिशत, गाजर 7 परतिशत, पालक 8 प्रतिशत, प्याज 6 प्रतिशत एवं कद्दूवर्गीय सब्जियों में 6 प्रतिशत नमी तक सुखाते हैं। बादल वाले मौसम की परिस्थिति में बीज को सीड ड्रायर के अन्दर लगभग 40 डिग्री सेन्टीग्रेड पर सुखाते है।

श्रेणीकरण एवं सफाई

सब्जी बीज श्रेणीकरण के लिए सीड ग्रेडर (एअर एवं स्क्रीन क्लिनर मशीन) का प्रयोग किया जाता है। यह मशीन बीज संसाधन के लिए बहुत उपयोगी है। इस मशीन से फसल के बीज के आकार के आधार पर जालियाँ बदलकर सब्जी बीजों का श्रेणीकरण किया जाता है। श्रेणीकृत बीज एक आकार का एवं साफ होता है।

आपेक्षिक धनत्व के आधार पर श्रेणीकरण

बीजों का उनके वजन के आधार पर कई तरह के श्रेणियों में श्रेणीकरण व सफाई करने के लिए ’’ग्रेविटी सेपरेटर’’ मशीन का प्रयोग किया जाता है। इस मशीन का उपयोग बीज के परीक्षण भार के आधार पर गुणवत्ता आंकलन के लिए किया जाता है। खोखले बीज अथवा बीज को आकार के पत्थर के टुकड़े आदि जो सीड ग्रेडर में अलग नहीं हो पाते हैं वह ग्रेविटी सेपरेटर मशीन द्वारा अलग हो जाते हैं जिससे बीज की गुणवत्ता बढ़ जाती है।

यह मशीन कुछ इस तरह काकाम करती है जैसा कि हम अपने घरों में ’’सूप’’ की मदद से करते हैं। एक महीन जालीदार सतह पर बीज गिरते हैं। यह सतह आगे-पीछे हिलती रहती है तथा इसके मध्य में नीचे की ओर से हवा का फौव्वारा फेंका जाता है जो खोखले बीजों तथा हल्के अवयवों को आगे नहीं बढ़ने देता तथा उन्हें अलग गिरा देता है जबकि बीज के आकार के भारी अवयव जैसे पत्थर के टुकड़े आदि दूसरे छोर पर गिरकर शुद्ध बीज से अलग हो जाते हैं।

 

बीज सफाई

सफाई के लिए ब्राशिंग मशीन का प्रयोग किया जाता है। इसमें कार्य के आधार पर ब्रश का प्रयोग किया जाता है। टमाटर में बीज निष्कर्षण उपरान्त बीज एक दूसरे से चिपके रहते हैं एवं बीज से चिपकी धूल आदि गंदगी की सफाई मुलायम ब्रश की सहायता से करते है। मुलायम ब्रश के अतिरिक्त मशीन में एक मध्यम कड़े ब्रश का भी प्रावधानहोता है। यदि किसी बीज में बीज की सतह पर से रांेए आदि भी निकाल कर बीज की सतह को चिकना करना हो तो मुलायम ब्रश के स्थान पर मध्यम कड़े ब्रश का प्रयोग किया जा सकता है। कुल मिलाकर यह मशीन बीज के भौतिक स्वरूप को साफ सुथरा कर उसकी गुणवत्ता में वृद्धि करती है।

 

बीज उपचार मशीन

बीज श्रेणीकरण एवं सफाई के उपरान्त बीज का उपचारइस मशीन द्वारा किया जाता है। कवकनाशी जैसे- कैप्टान या थीरम या वाविस्टिन आदि का घोल का प्रयोग एवं कीटनाशी क्लोरोपाइरीफास या इमिडाक्लोप्रिड का प्रयोग करते हैं। वर्तमान में सब्जी बीज उपचार की गिस्ट-ओ-मैटिक विधि सबसे उपयुक्त मानी जाती है क्योंकि इसमें बीजों पर इच्छित रसायन की एक परत तो उपचार के दौरान चढ़ जाते है किन्तु बीजों में नमी की मात्रा अधिक नहीं बढ़ने पाती जिससे उनका गुणवत्ता नुकसान भी नहींहोता है इस मशीन में एक ड्रम के अन्दर घूमते बीजों पर रसायन का ’मिस्ट’ के रूप में महीन स्प्रे होता है जिससे नमी की मात्रा में अधिक वृद्धि हुए बिना बीज वांछित रसायन से उपचारित हो जाते हैं।

 

Source-

  • भारतीय सब्जी अनुसंधान संसथान