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भू-जल संवर्धन योजना-मध्यप्रदेश – Kisan Suvidha
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भू-जल संवर्धन योजना-मध्यप्रदेश

भू-जल संवर्धन योजना-मध्यप्रदेश

विभाग का नाम किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग
योजना का नाम भू-जल संवर्धन योजना
योजना का उध्देश्य भू-जल के असयमित एवं अनियंत्रित दोहन से तथा जल धारण करने वाली पर्तो में प्राकृतिक रूप से जल भराव न होने के कारण गिरते भूजल स्तर पर नियंत्रण करने के उध्देश्य से ”परकोलेशन टैक” का निर्माण किया जाता हैं।
योजना का कार्य क्षेत्र योजना मेक्रोमैनेजमेंट प्लान के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा मध्य प्रदेश के समस्त जिलों में संचालित है ।
कार्यक्षेत्र का चुनाव एवं कार्य प्रक्रिया मध्य प्रदेश शासन द्वारा जारी पत्र क्रमॉक/बी-3/30/2000/14-2 दिनॉक 12.12.2000 अनुसार कम से कम मिट्टी कार्य से अधिकतम जल संग्रहण क्षमता प्राप्त हो सके । अत: परकोलेशन टैक निर्माण के लिये ऐसे स्थलों का चुनाव किया जाता है ।योजना के क्रियान्वयन के लिये राशि रूपये 5.00 लाख तक के तालाब निर्माण हेतु तकनीकी स्वीकृति जिलें के उप ससंचालक कृषि एवं प्रशासकीय स्वीकृति जिला स्तरीय कृषि स्थाई समिति से प्राप्त किया जाता है ।
पात्र हितग्राही योजना में परकोलेशन टैक के आस पास एवं निचले क्षेत्र में आने वाले कृषकों के कूप/ नलकूप में भू-जल स्तर में वृध्दि होकर अप्रत्यक्ष रूप में सिंचाई रकबे में वृध्दि कर लाभ प्राप्त होता है ।
हितग्राहियों की चयन प्रक्रिया परकोलेशन टैक का निर्माण शासकीय भूमि में किये जाने से अलग से हितग्राही चयन की प्रक्रिया नहीं होती है । योजना हितग्राही (प्रत्यक्ष रूप से) मूलक न होकर भूजल संवर्धन के माध्यम से हितग्राही को परोक्ष रूप से लाभ प्राप्त होता है ।
योजना क्रियान्वयन की प्रक्रिया योजना अंतर्गत अधिकतम लागत रूपये 5.00 लाख तक के परकोलेशन टैक का निर्माण किया जाता है जिलें के उप संचालक कृषि को राशि रूपये 5.00 लाख तक के तकनीकी स्वीकृति के तथा जिला कृषि स्थाई समिति को प्रशासकीय स्वीकृति देने के अधिकार है । योजना का क्रियान्वयन कृषि विभाग द्वारा किया जाता है ।
केन्द्रांश एवं राज्यांश मेक्रोमैनेजमेंट प्लान के अंतर्गत 90% केन्द्रांश एवं 10% राज्यांश के रूप में प्रावधान किया जाता है । जिसमें 80%अनुदान एवं 20% ाम्बी अवधि के ऋण के रूप में राशि प्राप्त होती है ।
आर.टी.आई. म.प्र.शासन द्वारा जारी आदेश क्रमॉक/बी-3/30/2000/14-2 दिनॉक 12.12.2000 द्वारा योजना संचालित की जाती है तथा आर.टी.आई के तहत कृषि विभागीय आर.टी.आई साइड डाउन लोड कर योजना के संबंध में जानकारी देखी जा सकती है ।

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