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बागवानी और कृषि बीमा – Kisan Suvidha
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बागवानी और कृषि बीमा

बागवानी और कृषि बीमा

क्या करें?

  • बागवानी फसलें अपनायें और कम क्षेत्र से ज्यादा उत्पादन व लाभ पायें।
  • स्वस्थ फसल के लिए उच्च गुणवत्ता की पौध लगायें।
  • शीत भण्डारण अपनाकर फल सब्जियां लम्बे समय तक ताजा रखे।
  • सहही कटाई विधि, सफाई, ग्रेडिंग, प्रसंस्करण व पैकेजिंग अपनाकर अधिकतम लाभ उठायें।
  • पॉलीहाउस,शेडनेट, लो-टनल द्वारा बिना मौसम की सब्जियां भी पैदा करें और अच्छे मूल्य पायें।

क्र.सं.

योजना का अवयव

उपलब्ध सहायता राष्ट्रीय बागवानी मिशन

सब्सिडी

अधिकतम प्रति यूनिट मूल्य (हे0)

1. सब्जी बीज उत्पादन (अधिकतम 5 हैक्टेयर प्रति लाभार्थी) 50 प्रतिशत रूपये 50000/-
2. आदर्श/बड़ी पौधशाला (2-4 हेक्टेयर) 50 प्रतिशत 6.25 लाख
3. नये बागों की स्थापना (अधिकतम 4 हेक्टेयर

प्रति लाभार्थी)

(क) बहुवर्षीय(आम, अमरूद, बेर आदि) 50 प्रतिशत (60%20%20 कीतीन किश्तों में दूसरे वर्ष में 75 प्रतिशत एवं तीसरे वर्ष में 90 प्रतिशत की जीवित दर की शर्त पर) रू. 80000/-
(ख) गैर- बारहमासी फल (केला (सकर द्वारा), आदि) 50 प्रतिशत (75%25 की दो रू. 70000/- अथवा किश्तों में दूसरे वर्ष में 75 प्रतिशत की जीवित दर की शर्त पर)
4. मसाले की फसलें (अधिकतम 4 हे0 प्रति लाभार्थी)
अ. बीज और प्रकन्द वाले मसाले 50 प्रतिशत रू. 25000/-
ब. बहुवर्षीय मसाले 50 प्रतिशत रू. 40000/-
5. फूलों के बगीचे-लूज, कन्दीय एवं कटफ्लावर (अधिकतम 2 हे0 प्रति लाभार्थी) 50 प्रतिशत (छोटे और सीमांत किसानों के लिए) लूज   रू. 24000/-

कन्दीय रू. 90000/-

कटफ्लावर रू. 70000/-

6. सुगन्धित पौधों की खेती (अधिकतम 4 हे. प्रति लाभार्थी) 50 प्रतिशत गहन लागत वाले-पचौली, जिरेनियम, रोजमैरी इत्यादि (रू. 75000/-,अन्य रू. 25000/-)
7. पुराने बागों का नवीनीकरण/जीर्णेाद्धार  (२ हे0 प्रति लाभार्थी) 50 प्रतिशत रू. 30000/-
8. मधुमक्खी पालन के माध्यम से परागण समर्थन (अधिकतम 50 कालोनी प्रति लाभार्थी)
अ. मधुमक्खी कालोनी 50 प्रतिशत रू. 1400/- प्रति कालोनी (चार फ्रेम वाली)
ब. मधुमक्खी के छत्ते 50 प्रतिशत रू. 1600/- प्रति कालोनी छत्ता
9. संरक्षित खेती

I. ग्रीन हाउस

(क)फेन व पैड सिस्टम (1000 वर्ग मी.) प्रति लाभार्थी तक सीमित 50 प्रतिशत रू. 1465/- प्रति वर्ग मीटर
(ख)प्राकृतिक वायु संचार व्यवस्था 50 प्रतिशत
i. टयूबलर 50 प्रतिशत रू. 935/-प्रति वर्ग मीटर (अधिकतम 1000 वर्ग मीटर)
ii. लकड़ी 50 प्रतिशत रू. 515/-प्रति वर्ग मीटर (अधिकतम 500 वर्ग मीटर)
iii. बाँस 50 प्रतिशत रू. 375/-प्रति वर्ग मीटर (अधिकतम 200 वर्ग मीटर)
II. शेडनेट हाउस
  1. ट्‌यूब की आकार की संरचना (1000 वर्ग मी. प्रति लाभार्थी तक सीमित)
50 प्रतिशत रू. 600/- प्रति वर्ग मीटर
  1. लकड़ी से बनी संरचना (अधिकतम 5 यूनिट और प्रति यूनिट 200 वर्ग मी. तक)
50 प्रतिशत रू. 410/- प्रति वर्ग मीटर
  1. बाँस से बनी संरचना (अधिकतम 5यूनिट और प्रति यूनिट 200 वर्ग मीटर)
50 प्रतिशत रू. 300/-प्रति वर्ग मीटर
  1. प्लास्टिक पलवार (मलचिंग)

(अधिकतम 2 हे0 प्रति लाभार्थी)

50 प्रतिशत रू. 20000/-
  1. प्लास्टिक टनल (1000 वर्ग मी. प्रति लाभार्थी तक सीमित)
50 प्रतिशत रू. 30/- प्रति वर्ग मीटर
10. समेकित कटाई उपरान्त प्रबंधन
अ.पैक हाउस, खेत स्तर पर संग्रह एवं भण्डारण इकाई 50 प्रतिशत रू. 3.00 लाख प्रति ईकाई (माप 9 मीटर ग 6 मीटर)
ब. प्री कूलिंग इकाई 40 प्रतिशत रू. 15.00 लाख प्रति इकाई 6 मी.टन क्षमता के लिए (क्रेडिट लिंक के आधार पर)
स. चलती फिरती प्री कूलिंग इकाई 40 प्रतिशत रू. 24.00 लाख प्रति इकाई 5 मी.टन क्षमता के लिए (क्रेडिट लिंक के आधार पर)
द. शीतगृह इकाई (निर्माण/विस्तार/आधुनिकीकरण) एवं फल पकाने का कमरा (अधिकतम 5000 मी.टन क्षमता के लिए) 40 प्रतिशत रू. 6000/- प्रति मै. टन की दर से (5000 मैट्रिक टन क्षमता के लिए) (क्रेडिट लिंक के आधार पर)
11. शीत वाहन  (रेफर वैन) रू. 24.00 लाख प्रति 6 मै.टन क्षमता वाहन के लिये क्रेडिट लिंक के आधार पर प्रोजेक्ट के अनुसार
12. पकाने वाला चैम्बर (राइपिनिंग चैम्बर) रू. 6000/- प्रति मै. टन व 5000 मैट्रिक टन क्षमता के लिए क्रेडिट लिंक के आधार परप्रोजेक्ट के अनुसार

किससे संपर्क करें

निकटतम खण्ड विकास अधिकारी या उद्यान इकाई, दिल्ली सरकार, दिल्ली।

कृषि बीमा

  • फसल बीमा दिल्ली राज्य पर लागू नहीं की जा रही है।
  • दिल्ली में सब्जियों ज्यादा उगाई जाती है जो कि कम समय की फसल है इसलिए कृषि बीमा की योजना लागू नहीं है।

 

Source-

  • Kisan Portal , Bharat Sarkar

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