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फरवरी माह में बसंतकालीन गन्ने की बुवाई हेतु आवश्यक सुझाव - Kisan Suvidha
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फरवरी माह में बसंतकालीन गन्ने की बुवाई हेतु आवश्यक सुझाव

बसंतकालीन गन्ने की बुवाई

फरवरी माह में बसंतकालीन गन्ने की बुवाई हेतु आवश्यक सुझाव

अ) बसंतकालीन गन्ने की बुवाई
  1. उत्पादन लागत व समय की बचत तथा अच्छे जमाव के लिए सुगरकेन कटर- प्लान्टर यन्त्र द्वारा बुआई करें|
  2. अपने क्षेत्र में किराए पर सुगरकेन  कटर- प्लान्टर यन्त्र की उपलब्धता की सम्भावना का पता लगाये| अन्यथा सम्बंधित चीनी मिल के माध्यम से भारतीय गन्ना अनुसंधान संसथान से संपर्क करें|
  3. अधिक उपज के लिए भारतीय गन्ना अनुसंधान संसथान द्वारा विकसित “पेयर्ड-रो” बुआई यन्त्र द्वारा बुबाई करें|
  4. स्वस्थ एवं ताज़ा गन्ने की हि बुआई करें|
  5. बुआई से पहले खेत की तैयारी के समय ट्राइकोडर्मा एवं एसीटोबैक्टर युक्त प्रेसमड / गोबर की खाद (10 टन/हे.) का प्रयोग अवश्य करें| ट्राइकोडर्मा एवं एसीटोबैक्टर कल्चर प्रमाणिक स्रोतों से ही प्राप्त करें|
  6. उर्वरकों की संस्तुत मात्रा (150,60 एवं 60 किग्रा नत्रजन,फास्फोरस व पोटाश) से नत्रजन की एक तिहाई तथा फास्फोरस व पोटाश की पूरी मात्रा बुआई से पहले कूडो में दें|
  7. दीमक एवं प्ररोह व जड़ बेधक कीटों से बचाव हेतु क्लोरपायरीफास 20EC (6.25 ली./हे.) या क्लोरेन्ट्रेनिलिप्रोल 18.5 SC (500-600 मिली / हे.) घोल का छिडकाव करें |
  8. यदि मृदा pH 7.5 से ज्यादा हो,तो इमीडाक्लोपीड 17.8 SL (350 मिली/हे.) का प्रयोग अधिक प्रभावी होता है|
  9. खर-पतवार के प्रभावी नियंत्रण हेतु संस्तुत शाकनाशियों (एट्राजीन 2 किग्रा /हे.) का प्रयोग गन्ना बुआई पश्चात अविलंब करें|

 

ब) पेड़ी प्रबंधन
  1. सूखी पत्तियों को एकांतर कतारों में बिछा दें|
  2. बिना पत्तियों बाले पंक्तियों / कतारों में कर्षण क्रियाएं करें| गन्ना पंक्तियों से सटाकर गहरी जुताई कर इसी समय संस्तुत उर्वरक (200:60:60 किग्रा नत्रजन,फास्फोरस एवं पोटाश / हे.) की मात्रा डाल दे|
  3. जिन खेतो में ज्यादा रिक्त स्थान हो या रोगों / कीड़ों का प्रकोप ज्यादा हो ,उसमें पेड़ी न रखें तथा उस खेत की जुताई कर दें एवं खेत की उचित तैयारी कर गेहूं की बुआई करें|
  4. कटाई के एक सप्ताह बाद खेत में पानी लगा दें|
  5. दूसरी पेड़ी काटने के पश्चात् खेत की तैयारी कर सुविधानुसार जीरो टिल ड्रिल द्वारा गेंहू की बुआई करें|

 

स) शरदकालीन रोपित गन्ने के साथ बोई गयी अन्तः फसलों के पकने पर अविलंब कटाई करें तथा गन्ने में सिंचाई करके संस्तुत नत्रजन का प्रयोग कर गुडाई करें|

 

द) मध्य फरवरी में चोटी बेधक कीट की पहली पीढी के प्रौढ़ कीट ( सफेद तितली) को नष्ट करने के लिए खेत में फेरोमोन ट्रैप समान दूरी पर (25 ट्रैप /हे.) लगाये| तितली दिखाई देने के एक सप्ताह बाद पत्तियों के पृष्ठ भाग पर पाए जाने वाले नारंगी -भूरे रंग के अंड समूहों को नष्ट करें|

 

स्रोत-

  • भारतीय गन्ना अनुसंधान संसथान, लखनऊ

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