0
  • No products in the cart.
Top
कद्दू की उन्न्त किस्मे – Kisan Suvidha
9406
post-template-default,single,single-post,postid-9406,single-format-standard,theme-wellspring,mkdf-bmi-calculator-1.0,mkd-core-1.0,woocommerce-no-js,wellspring-ver-1.2.1,mkdf-smooth-scroll,mkdf-smooth-page-transitions,mkdf-ajax,mkdf-blog-installed,mkdf-header-standard,mkdf-sticky-header-on-scroll-down-up,mkdf-default-mobile-header,mkdf-sticky-up-mobile-header,mkdf-dropdown-slide-from-bottom,mkdf-search-dropdown,wpb-js-composer js-comp-ver-4.12,vc_responsive

कद्दू की उन्न्त किस्मे

कद्दू की उन्नत किस्में

कद्दू की उन्न्त किस्मे

कद्दू की किस्में इस प्रकार है:-

१.पूसा विश्वास

विमोचन वर्षः 1990 (सी.वी.आर.सी.)

अनुमोदित क्षेत्रः पंजाब,उत्तर प्रदेश, बिहार, छŸाीसगढ़, ओडिशा, आन्ध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश एवं महाराष्ट्र

औसत उपजः 400 कुन्तल/हेक्टेयर

विशेषताएंः ओजपूर्ण शाकीय वृद्धि, सफेद धब्बों के साथ पŸो गहरे हरे रंग के, फल हल्के भूरे रंग का, गोलाकार सुनहरी आभा लिए गूदा, वजन 5 कि.ग्रा., पकने का समय 120 दिन।

 

२.पूसा विकास

विमोचन वर्षः 1990 (एस.वी.आर.सी., दिल्ली)

अनुमोदित क्षेत्रः दिल्ली एवं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के बसन्त/ग्रीष्म एवं वर्षा ऋतु में

औसत उपजः 300 कुन्तल/हेक्टेयर

विशेषताएं: बेलें छोटी, (2-2.5 मी.) हल्के हरे पीले धब्बे के साथ मुलायम पंक्तियाँ, फल छोटा, वजन 2 कि.ग्रा., चपटा-गोल आकार का, पीले गूदे वाला, विटामिन-ए से भरपूर।

 

३.पूसा हाईब्रिड 1

विमोचन वर्षः 1992 (एस.वी.आर.सी., दिल्ली)

अनुमोदित क्षेत्रः उत्तरी मैदानी भागों में बसन्त-ग्रीष्म एवं वर्षा ऋतुओं में उगाने योग्य

औसत उपजः 520 कुन्तल/हेक्टेयर

विशेषताएंः फल चपटे गोल, मध्यम आकार, वजन 4.75 कि.ग्रा., सुनहरा पीला चमक लिए हुए गूदा।

 

चप्पन कद्दू

१.आस्ट्रेलियन ग्रीन

विमोचन वर्षः विदेशागत व स्टेशन द्वारा अनुमोदित

अनुमोदित क्षेत्रः मध्य व ऊँचाई वाले क्षेत्रों के लिए

औसत उपजः 250-300 कुनतल/हेक्टयेर(सब्जी के  लिए)

विशेषताएंः इसके फल गहरे हरे रंग के एवं हल्की धारियों वाले व लम्बे (25-30 से.मी.) होते हैं। यह पहाड़ी क्षेत्रों में मार्च-अप्रैल तथा मैदानी क्षेत्रों में जनवरी-फरवरी में बोने के लिए उपयुक्त है।

 

२.पूसा अलंकार

विमोचन वर्षः 1972 (एस.वी.आर.सी., हिमाचल प्रदेश)

अनुमोदित क्षेत्रः मध्य व ऊँचाई वाले क्षेत्रों के लिए

औसत उपज: 430-450 कुनतल/हेक्टयेर (सब्जी के लिए)

विशेषताएंः इसके फल हल्के हरे रंग के, चमकीली धारियों वाले व लम्बे (25-30 से.मी.) होते हैं। यह पहाड़ी क्षेत्रों में मार्च-अप्रैल तथा मैदानी क्षेत्रों में जनवरी-फरवरी में बोने के लिए उपयुक्त है।

पेठा कददू

१.पूसा उज्ज्वल

विमोचन वर्षः 2007 (सी.वी.आर.सी.)

अनुमोदित क्षेत्रः दिल्ली, पंजाब एवं हरियाणा

औसत उपजः 450 कुन्तल/हेक्टेयर

विशेषताएंः बड़े गोलाकार फल, लम्बी दूरी के परिवहन तथा पैकिंग के लिए उपयुक्त, परिपक्वता अवधि 120 दिन।

 

२.पूसा उर्मि (डी.ए.जी.एच.-16)

विमोचन वर्षः 2013 (सी.वी.आर.सी.)

अनुमोदित क्षेत्रः राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, दिल्ली, कर्नाटक, तमिलनाडु तथा केरल

औसत उपजः 475 कुन्तल/हेक्टेयर

विशेषताएं : उत्तर एवं दक्षिण भारत के मैदानी भागों में बसन्त-ग्रीष्म एवं खरीफ मौसम के दौरान खेती के लिए उपयुक्त। मध्यम लम्बाई (औसत लंबाई 7.5 मीटर) वाली बेल तथा हरे सफेद छिलके एवं सफेद गूदे के साथ बड़े गोलाकार फल, औसत फल भार 11.0 कि.ग्रा. एवं प्रति पौधा औसत फल संख्या 4.60।

 

३.पूसा श्रेयाली (डी.ए.जी.एच.-14)

विमोचन वर्षः 2013 (सी.वी.आर.सी.)

अनुमोदित क्षेत्रः पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार एवं झारखण्ड

औसत उपजः 520 कुन्तल/हेक्टेयर

विशेषताएंः उत्तर भारत के मैदानों में बसन्त-ग्रीष्म तथा खरीफ मौसम के दौरान खेती के लिए उपयुक्त। मध्यम लम्बाई (7.0 मीटर) वाली बेल एवं हरे सफेद छिलके तथा सफेद गूदे के साथ बेलनाकार फल, औसत फल भार 10.5 कि.ग्रा.।

 

 

स्रोत-

  • भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान

 

No Comments

Sorry, the comment form is closed at this time.