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मूंग की उन्नत किस्में / Green Gram Varieties - Kisan Suvidha
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मूंग की उन्नत किस्में / Green Gram Varieties

मूंग

मूंग की उन्नत किस्में / Green Gram Varieties

मूंग की उन्नत किस्में इस प्रकार है:-

1.पूसा 0672

विमोचन वर्षः 2009 (सी.वी.आर.सी.)

अनुमोदित क्षेत्रः उत्तरी पहाड़ी क्षेत्र

परिस्थितियां: खरीफ मौसम में बुवाई के लिए

औसत उपजः 9.5-10 कुन्तल/हेक्टेयर

विशेषताएं: यह किस्म मूंग के विषाणु जनित पीली चित्ती रोग व अन्य रोगों के प्रति सहिष्णु है। इसका दाना चमकदार हरा, आकर्षक एवं मध्यम आकार का है। यह 52-103 दिनों में पक कर तैयार हो जाती है।

 

2.पूसा रत्ना

विमोचन वर्षः 2005 (एस.वी.आर.सी., दिल्ली)

अनुमोदित क्षेत्रः राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली

परिस्थितियां: खरीफ मौसम में बुवाई के लिए

औसत उपजः12 कुन्तल/हेक्टेयर

विशेषताएं:यह किस्म एक साथ पकने वाली है, जो 65-70 दिनों में पक कर तैयार हो जाती है। यह किस्म मूंग के विषाणु जनित पीली चित्ती रोग के प्रति सहिष्णु है।

 

3.पूसा विशाल

विमोचन वर्षः 2001 (सी.वी.आर.सी.)

अनुमोदित क्षेत्र: उत्तर-पश्चिमी मैदानी क्षत्रे पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, जम्म-कश्मीर तथा हिमाचल प्रदेश का मैदानी क्षेत्र|

परिस्थितियां :बसंत/ग्रीष्म मौसम में बुवाई के लिए

औसत उपज:12 कुन्तल/हेक्टेयर

विशेषताएं : यह किस्म विषाणु  जनित पीली चित्ती रोगों के ति प्रतिरोधक है |किस्म एक साथ पकने
वाली है जो बसतं के मौसम  में 65-70 दिना में आरै गी्रष्म में 60-65 दिन में  पक कर तैयार हो
जाती है|

 

4.पूसा 9531

विमोचन वर्षः 2001 (सी.वी.आर.सी.)

अनुमोदित क्षेत्र: पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर तथा हिमाचल प्रदेश का मैदानी क्षेत्र

परिस्थितियां:खरीफ मौसम में बुवाई के लिए

औसत उपज :12 कुन्तल/हेक्टेयर

विशेषताएं: यह किस्म 60-65 दिनों में पक कर तैयार हो जाती है, तथा विषाणु जनित पीली चित्ती रोग एवं कीटों की सहिष्णु है। फलियां पकने पर हल्के भूरे रंग की हो जाती हैं।

 

Source-

  • Indian Agricultural Research Institute-ICAR

 

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