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किसान भाईयों के लिए कृषि सम्बन्धी सलाह 5 दिसम्बर तक लागू - Kisan Suvidha
20072
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किसान भाईयों के लिए कृषि सम्बन्धी सलाह 5 दिसम्बर तक लागू

कृषि सम्बन्धी सलाह 21 अक्टूबर

किसान भाईयों के लिए कृषि सम्बन्धी सलाह 5 दिसम्बर तक लागू

कृषि परामर्श सेवाओं, कृषि भौतिकी संभाग के कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार किसानों को निम्न कृषि सम्बन्धी सलाह दी जाती है।

1.) समय पर बोई गई सरसों की फ़सल में विरलीकरण तथा खरपतवार नियंत्रण का कार्य करें। जिन किसानों की सरसों की फसल 35 दिन की हो गयी हो, वे अगले पाँच दिनों तक वर्षा न होने की संभावना को ध्यान में रखते हुए पहली सिंचाई करें।

2.) जिन किसानों की गेहूँ की फसल 21-25 दिन की हो गयी हो, वे अगले पाँच दिनों तक मौसम शुष्क रहने की संभावना को ध्यान में रखते हुए पहली सिंचाई करें। सिंचाई के 3-4 दिन बाद उर्वरक की दूसरी मात्रा डालें।

3.) किसानों को यह सलाह है कि वे मौसम शुष्क रहने की संभावना को देखते हुए, गेंहू की बुवाई हेतू तैयार खेतों में ओट आ गई हो तो उसमें गेहूँ की बुवाई कर सकते हैं। उन्नत प्रजातियाँ- सिंचित परिस्थिति- श्रेष्ठ (एच. डी. 2687), पूसा विशेष (एच. डी. 2851),  पूसा गेहूँ -109 (एच. डी. 2894), पूसा सिंधु गंगा(एच. डी. 2967), डी. बी. डब्लू .-17| बीज की मात्रा 100 कि.ग्रा. प्रति हैक्टेयर होनी चाहिये । बुवाई से पूर्व बीजों को बाविस्टिन @ 1.0ग्राम या थायरम @ 2.5 ग्राम प्रति कि.ग्रा. बीज की दर से उपचारित करें। जिन खेतों में यदि दीमक का प्रकोप हो तो क्लोरपाईरिफाँस (20 ईसी) @ 5 लीटर प्रति हैक्टर की दर से पलेवा के साथ दें। नत्रजन, फास्फोरस पोटाश तथा जिंक सल्फेट उर्वरकों की मात्रा 120, 50, 40 व 20 कि.ग्रा. प्रति हैक्टर होनी चाहिये।

4.) किसान इस मौसम में जई तथा बरसीम की बुवाई कर सकते हैं। जई की उन्नत किस्में- जे.एच.ओ.-822, ओ.एल.-9और पूसा ओट-5 तथा बरसीम की उन्नत किस्में- वरदान, बुंदेल बरसीम-1, मसकावी, जे.बी.-3. बीज दर–जई-80-100 कि.ग्रा. प्रति हैक्टर और बरसीम-25-30 कि.ग्रा. प्रति हैक्टर।

5.) तापमान को ध्यान में रखते हुए मटर की बुवाई करें। उन्नत किस्में – ए. पी.-3, बोनविले, लिंकन। बीजों को कवकनाशी केप्टान या थायरम @ 2.0 ग्रा. प्रति कि.ग्रा. बीज की दर से मिलाकर उपचार करें उसके बाद फसल विशेष राईजोबियम का टीका अवश्य लगायें। गुड़ को पानी में उबालकर ठंडा कर ले और राईजोबियम को बीज के साथ मिलाकर उपचारित करके सूखने के लिए किसी छायेदार स्थान में रख दें तथा अगले दिन बुवाई करें।

6.) आलू के पौधों की ऊँचाई यदि 15-22 से.मी हो जाए तब उनमें मिट्टी चढ़ाने का कार्य जरूरी है अथवा बुवाई के30-35 दिन बाद मिट्टी चढ़ाई का कार्य सम्पन्न करें।

7.) किसान गाजर की यूरोपियन किस्मों  जैसे नेंटीस, पूसा यमदागिनी, मूली की यूरोपियन किस्मों जैसे हिल क्वीन, जापानीज व्हाईट, पूसा हिमानी, चुंकदर की किस्म क्रिमसन ग्लोब तथा शलगम की पी. टी. डब्लू. जी. आदि की बुवाई इस समय कर सकतेहैं।

8.) किसान इस समय पत्तेदार सब्जियों में सरसों साग- पूसा साग-1; पालक-आल ग्रीन,पूसा भारती; बथुआ- पूसाबथुआ-1; मेथी-पूसा कसुरी तथा धनिया-पंत हरितमा या संकर किस्मोंकी बुवाई करें।

9.) वर्तमान मौसम प्याज की बुवाई के लिए अनुकूल है। बीज दर– 10 कि.ग्रा. प्रति हैक्टर। बुवाई से पहले बीजों को केप्टान@ 2.5 ग्रा. प्रति कि.ग्रा. बीज की दर से उपचार अवश्य करें।

10.) वर्तमान तापमान स्नोबोल किस्म की फूलगोभी, सलाद, बन्दगोभी और ब्रोकली की पौधशाला बनाने  तथा तैयार पौध की रोपाई के लिए अनुकूल है। ब्रोकली की उन्नत किस्में – पालम समृद्धि, पालम कचंन (सामान्य किस्में),ऐश्वर्या, पेकमेन (संकर किस्में)।

11.) इस सप्ताह किसान सब्जियों की निराई-गुड़ाई करके खरपतवारों को निकाले। 15 से 25 दिन की सब्जियों में नत्रजन की बची हुई मात्रा का छिड़काव करें।

 

सलाहकार समिति के वैज्ञानिक 

  • डा.अनन्ता वशिष्ठ(नोड़ल अधिकारी, कृषि भौतिकी संभाग)
  • डा.प्र. कृष्णन (अध्यक्ष, कृषि भौतिकी संभाग)
  • डा.देब कुमार दास(प्रधान वैज्ञानिक, कृषि भौतिकी संभाग)
  • डा.सुभाष चन्द्र (प्रधान वैज्ञानिक, कीट विज्ञान संभाग)
  • डा.जे.पी.एस. ड़बास(प्रधान वैज्ञानिक व इंचार्ज, केटेट)
  • डा.बी.एस.तोमर (अध्यक्ष, सब्जी विज्ञान संभाग)
  • डा.दिनेश कुमार (प्रधान वैज्ञानिक, सस्य विज्ञान संभाग)
  • डा.पी.सिन्हा(प्रधान वैज्ञानिक, पादप रोग संभाग)

 

स्रोत-

भा. कृ. अनु. प. -भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थाननई दिल्‍ली – 110012  

 

Comments:

  • Shriram Bhasker
    05/12/2018 at 6:53 PM

    हमें एलोवेरा की किसानी करने चाहते हैं इसके लिए लागत वह पंजीकरण कैसे कराए जाए इसकी पूरी जानकारी मेरे को दी जाए मे श्री राम भास्कर बानपुर ललितपुर उत्तर प्रदेश मोबाइल नंबर 94 51227407

    • Shriram Bhasker
      05/12/2018 at 7:00 PM

      मेरा पंजीयन कैसे होगा और मेरे को सरकारी मदद कैसे मिलेगी

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